रेवांचल टाइम्स - अजनियां अपने संवैधानिक हक और अधिकार के लिए यात्रा बहुत ही महत्वपूर्ण है मध्यप्रदेश में यह यात्रा ऐसे वक्त में हो रही है जब सरकार 24,25 वषों बाद अनुसूचित क्षेत्रों के लिए कैसा नियम 2021 लेकर आई है जो कि केंद्रीय पेसा कानून 1996 की मनसा के बिल्कुल विपरीत है उस नए नियम में पैसा कानून की आत्मा उनकी आदिवासी क्षेत्रों के लिए जो परी कल्पना थी उसे खत्म करने का कार्य किया गया है उसने केंद्रीय पेसा कानून के तहत आदिवासी समाज जिस नारा को बुलंद करता था की दिल्ली भोपाल में हमारी सरकार क्योंकि हम चुन के भेजते हैं लेकिन हमारे गांव में हम ही सरकार हम ही सरकार की भावनाओं के साथ चलते आ रहे हैं आदिवासी क्षेत्र में सबसे ज्यादा विस्थापन वषोंं से षडयंत्र पूवर्क होते आ रहा हैं और निरंतर विस्थापन जारी हैं वर्ष 2006 में वन अधिकार मान्यता कानून आया जिसके तहत आदिवासी क्षेत्रों में वर्षो से हो रहे अन्याय को सुधारने का एक छोटा सा प्रयास हुआ और मान गया कि औपनिवेशिक काल के दौरान तथा स्वतंत्र भारत में राज वनों को समेकित करते समय उनकी पैतृक भूमि पर वनधिकारों और उनके निवास को पर्याप्त रुप से मान्यता नहीं दी गई थी जिसके परिणाम स्वरूप नव में निवास करने वाली उन अनुसूचित जनजातियां और अन्य परंपरागत वन निवासियों के प्रति ऐतिहासिक अन्याय हुआ है जोवन परिस्थितिकी प्रणाली को बचाने और बनाए रखने के लिए अभिन्न अंग है संवैधानिक पद यात्रा दिनांक 4 दिसंबर 2021 से 7 दिसंबर 2021 स्थान फडापेन ठाना बिलगांव मवई से जिला मुख्यालय मंडला तक निकाली गई थी जो आज ग्राम अंजनिया पहुंची जिसमें ओ एस एस अजनियां के कार्यकर्ताओं के द्वारा संवैधानिक पदयात्रा का स्वागत किया गया जिसमें समस्त ओ एस एस के कार्यकर्ता उपस्थित रहे
Monday, December 6, 2021
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संवैधानिक अधिकार पदयात्रा आज ग्राम अंजनियां पहुंची जिसमें ओ एस एस के कार्यकर्ता ने किया स्वागत
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